caste census

जाति जनगणना की सुध : तमाशा, झांसा या पांसा

बादल सरोज अपने कुनबे के संगपरस्तों, पक्के भक्तों और पाले पोसे एंकर–एन्करानियों तक को चौंकाने, हैरत में डालने और मुंह छुपाने के लिए कोना तलाशने की गत में पहुंचाते हुए मोदी सरकार के मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति (सीसीपीए) ने 30 अप्रैल को ऐलान कर दिया कि अगली जनगणना के साथ जाति आधारित जनगणना […]

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इसे कहते हैं सेना को युद्ध की भट्टी में झोंकना!

संजय पराते जब बिना किसी सुविचारित नीति के चुनाव को नजर में रखकर युद्धोन्माद फैलाया जाता है और फिर जनता को संतुष्ट करने और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को मजबूत करने के लिए युद्ध की ‘रचना’ की जाती है, तो उसका वही हश्र होता है, जो कल हमें दिखा। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पूरे देश […]

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Sangh-BJP flip-flop on caste census

जाति गणना पर संंघ-भाजपा की पल्टी

राजेन्द्र शर्मा आखिरकार, नरेंद्र मोदी की सरकार ने जाति जनगणना कराने का एलान कर दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के ताजातरीन फैसले के अनुसार, आने वाली आम जनगणना के साथ जाति गणना भी करायी जाएगी। लेकिन, यह आम जनगणना कब करायी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जनगणना सामान्य रूप से 2020-21 में होनी थी, लेकिन […]

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Hindutva communal mentality versus democratic and secular forces.

हिंदुत्ववादी सांप्रदायिक मानसिकता बनाम जनतांत्रिक तथा धर्मनिरपेक्ष ताकतें

राजेन्द्र शर्मा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम, देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी है। स्वाभाविक रूप से उसकी 24वीं राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह राष्ट्रीय कांग्रेस 2 से 6 अप्रैल तक, तमिलनाडु में मदुरै शहर में संपन्न हुई। कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कांग्रेस, पार्टी का सर्वोच्च निकाय […]

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भाजपा न्यायपालिका से बहुजनों को बाहर कर मनुवादी व्यवस्था लागू करना चाहती है- शाहनवाज़ आलम

साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 189 वीं कड़ी में बोले कांग्रेस नेता सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति में पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों की उपेक्षा ने देश की न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को बहुजनों की नज़र में संदिग्ध बना दिया है। अगर न्यायपालिका में सामाजिक संतुलन नहीं होगा तो फिर से मनुवादी […]

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Differences between Jyotiraditya Scindia and Bharat Singh Kushwaha.

भाजपाई सांसद को भाजपा सांसद से ही खतरा!

संजय पराते आज बात मध्यप्रदेश पर, जहां एक गरीब भाजपाई सांसद को एक युवराज भाजपाई सांसद से ही खतरा है और उनकी यह शिकायत मीडिया में जोर-शोर से उछल रही है। पहले वाला सांसद ख़ांटी संघी है और दूसरा नवागत भाजपाई, लेकिन इसके पास अतीत के राजपाट का रौब है। बात संघ के मुख्यालय तक […]

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Murders of Journlist

हिंदुत्ववादी साम्प्रदायिकता और कारपोरेट के गठबंधन के मायने

बादल सरोज चर्चा में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा को निशाना बनाकर किये जा रहे हमले हैं। बिना नाम लिए बनाई गयी पैरोडी की महीने भर पहले दी गयी प्रस्तुति को लेकर शिवसेना के सैनिक होने का दावा करने वाले गुंडे उस हैबिटैट सेंटर में तोड़फोड़ मचा चुके हैं, जहां यह कार्यक्रम हुआ था। कुणाल को […]

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दलित-आदिवासियों से जुड़ी योजनाओं को कमजोर कर रही मोदी सरकार- राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि UPA सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर भी दलितों और आदिवासियों के लिए “उप-योजनाओं” (Sub-Plans) की शुरुआत की थी। लेकिन मोदी सरकार के दौरान इस प्रावधान को कमज़ोर कर दिया गया है और बजट का बहुत कम […]

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आसान नहीं है डगर तीसरे टर्म की

राजेंद्र शर्मा संभवत: इसी बीच हासिल हुई प्रभावी जीतों से बढ़े हुए आत्मविश्वास के चलते, संघ-भाजपा राज ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष में उसके पक्के एजेंडे को आगे बढ़ाने के जरिए अपनी वफादारी दिखाने के लिए, इस विधेयक को ठंडे बस्ते से बाहर निकाल लिया है। अब इस विधेयक को दोबारा लोकसभा में आगे बढ़ाए […]

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Muslim rulers and Indian films.

फिल्मों के बहाने समाज में नफरत के बीज बोने की साजिश

राम पुनियानी आज की सांप्रदायिक सोच राजाओं —हिंदू और मुस्लिम—को उनके धर्म के चश्मे से देखती है, न कि सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्षरत शासकों के रूप में। जैसे-जैसे राजनीति में इतिहास का उपयोग बढ़ रहा है, सांप्रदायिक घृणा भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। बीते कुछ वर्षों में इसके नए आयाम जुड़ […]

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