राज्य

जर्जर सड़क का तत्काल बजट जारी कर निर्माण कराया जाए : राजीव यादव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आजमगढ़ दौरे पर किसान नेता राजीव यादव ने मांग किया है कि निज़ामाबाद क्षेत्र के भदुली पुल से लाहीडीह, मुंडीयार होते हुए माहुल जा रही जर्जर सड़क का तत्काल बजट जारी कर निर्माण कराया जाए। लोक निर्माण विभाग द्वारा शासन को कार्य योजना भेजे जाने के बाद, बजट न मिलने का […]

कपसेठी थाने का महिलाओं ने किया भ्रमण, जानी पुलिस की कार्यप्रणाली

सेवापुरी। आशा ट्रस्ट और लोक समिति के तत्वाधान में चलाए जा रहे महिला हिंसा विरोधी पखवाड़े के तहत शुक्रवार को बुनकर दिहाड़ी मजदूर संगठन, किशोरी संगठन और महिला स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाओं और लड़कियों को थाना कपसेठी भ्रमण करवाया गया। सेवापुरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आई महिलाओं और किशोरियों ने थाने के […]

हस्तक्षेप

संचार साथी : साइबर सुरक्षा या साइबर निगरानी?

प्रबीर पुरकायस्थ मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं, प्राइवेसी समूहों और मोबाइल फोन बनाने वालों के विरोध के बाद, नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने निर्देश को वापस ले लिया है, जिसमें सभी मोबाइल फोन में “संशोधित” संचार साथी ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करना था। यह ऐप, जो शुरू में चोरी या खोए हुए फोन को ट्रैक करने […]

वाराणसी: मानव श्रृंखला बनाकर छात्र-छात्राओं ने मांगा बराबरी का अधिकार

मिर्जामुराद। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार के अवसर पर आशा ट्रस्ट और लोक समिति के तत्वावधान में मौलिक अधिकारों के संरक्षण की मांग को लेकर हजारों छात्र छात्राओं और ग्रामीणों ने बेनीपुर बाजार में मानव श्रृंखला बनाई। बेनीपुर मुख्य बाजार से कल्लीपुर तक दोनों किनारों पर एक किलोमीटर खड़े होकर लोगों ने चुप नही रहना है हिंसा नही […]

गर्व का विषय यह है कि रुपया अभी पाकिस्तान के सामने नहीं झुका

राजनैतिक व्यंग्य विष्णु नागर यह बात सिरे से ग़लत है कि डालर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक रूप से गिरा है। बिलकुल नहीं गिरा है। मुझे कोई बताए कि 2014 के बाद रुपया चढ़ा कब था, जो गिरता? जो चढ़ेगा, चढ़ने की कोशिश करेगा, वही तो गिरेगा। जिसने ऐसी बदतमीजी की ही नहीं, वह गिरेगा कैसे? […]

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साँचिया

साँचिया सिर्फ एक समाचार पोर्टल नहीं बल्कि एक ज़िम्मेदारी है – सच की ज़िम्मेदारी। जब मीडिया का बड़ा हिस्सा सत्ता के साथ खड़ा हो और मीडिया की बहसें मुद्दों से भटककर मनोरंजन में तब्दील हो रही हों तब साँचिया पूरी जिम्मेदारी से उस समाज की आवाज बनने का प्रयास कर रहा है जिसे आजादी के गलियारे में भी अपमान और वंचना का शिकार होना पड़ रहा है। तब साँचिया अपने पाठकों को उस सच्चाई से जोड़ता है जो अक्सर जानबूझकर छुपा ली जाती है।

हमारी पत्रकारिता का सरोकार उन आवाज़ों से है जिन्हें बार-बार अनसुना किया गया है। हमारी पत्रकारिता का सरोकार उन सपनों से है जो ग्रामीण भारत की धूल भरी सड़कों पर बिखरे हैं, जो किसान की सूनी आँखों में हैं,  जो श्रमिक के पसीने में हैं, और जो उस आम नागरिक के सवालों में हैं, जिनका कोई जवाब नहीं देता।

हम मानते हैं कि  सच्ची पत्रकारिता वही है जो सत्ता से सवाल करे,  जो समाज के हर हिस्से को अपने हक की आवाज बुलंद करने का मंच बने और सच्चाई को विकृत करने के बजाय, उसे गंभीर सरोकार के साथ सामने लाए। आज जब मुख्यधारा की मीडिया के लिए “सच” एक उत्पाद बन गया है, तब साँचिया सच को आवाज़ देने का मंच बनना चाहता है।

आग्रह

अगर आप मानते हैं कि पत्रकारिता को जनता की आवाज़ बनना चाहिए,
अगर आप चाहते हैं कि मीडिया समाज के दबे-कुचले वर्गों का प्रतिनिधि बने,
तो “साँचिया” के साथ आइए।

साँचिया के साथ मिलकर एक ऐसी पत्रकारिता को मज़बूत कीजिए जो न सिर्फ खबर दिखाए, बल्कि सच कहे – बिना किसी डर या दबाव के।

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