मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी – कफन

प्रेमचंद घीसू को उस वक़्त ठाकुर की बरात याद आई, जिसमें बीस साल पहले वह गया था। उस दावत में उसे जो तृप्ति मिली थी, वह उसके जीवन में एक याद रखने लायक़ बात थी, और आज भी उसकी याद ताज़ा थी, बोला—“वह भोज नहीं भूलता। तब से फिर उस तरह का खाना और भरपेट […]

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Premchand: The immortal legacy of a great litterateur

प्रेमचंद: एक महान साहित्यकार की अमर विरासत

साहित्य में यथार्थ और संवेदना का संगममुंशी प्रेमचंद (1880-1936) हिंदी और उर्दू साहित्य के ऐसे युग-प्रवर्तक साहित्यकार हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से भारतीय समाज के यथार्थ, उसकी कमियों, और मानवीय संवेदनाओं को इतनी गहराई से उकेरा कि उनकी रचनाएँ आज भी प्रासंगिक हैं। प्रेमचंद की लेखनी का वैशिष्ट्य उनकी सादगी, सामाजिक चेतना और […]

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18 वर्षीय आस्था के 6 दिवसीय सोलो शो ‘एक्जीबिट एक्सप्रेस’ का शुभारंभ

मुख्य अतिथि तलत महमूद फीता काट कर किया उद्घाटन प्रयागराज। कलाकार कु. आस्था के चित्रों की 6 दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ मंगलवार को एनसीजेडसीसी के महात्मा गांधी आर्ट गैलेरी में हुआ। सोलो शो ‘एक्जीबिट एक्सप्रेस’ का उद्घाटनमुख्य अतिथि एमिनेंट आर्टिस्ट तलत महमूद ने फीता काटकर किया। वरिष्ठ चित्रकार तलत महमूद ने कहा कि, प्रदर्शनी […]

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कवयित्री सम्मेलन एवं माता कैकेयी खण्डकाव्य पुस्तक पर चर्चा का आयोजन

वाराणसी। “बौद्धायन सोसाइटी संस्था” द्वारा महमूरगंज स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय के सभागार में ” 15 वां कवयित्री सम्मेलन ( कवयित्री कुंभ) ” का आयोजन हुआ । जिसमें काशी की 26 कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं सुनाई तथा डाॅ मञ्जरी पाण्डेय द्वारा लिखित , उत्तरप्रदेश हिन्दी साहित्य संस्थान के सहयोग द्वारा सद्य: प्रकाशित व लोकार्पित पुस्तक ” […]

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Akashdeep, the story of Jaishankar Prasad

जयशंकर प्रसाद की कहानी आकाशदीप

बंदी! क्या है? सोने दो। मुक्त होना चाहते हो? अभी नहीं, निद्रा खुलने पर, चुप रहो। फिर अवसर न मिलेगा। बड़ा शीत है, कहीं से एक कंबल डालकर कोई शीत से मुक्त करता। आँधी की संभावना है। यही अवसर है। आज मेरे बंधन शिथिल हैं। तो क्या तुम भी बंदी हो? हाँ, धीरे बोलो, इस […]

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मुंशी प्रेमचंद की कहानी बड़े भाई साहब

मेरे भाई साहब मुझसे पॉँच साल बडे थे, लेकिन तीन दरजे आगे। उन्‍होने भी उसी उम्र में पढना शुरू किया था जब मैने शुरू किया; लेकिन तालीम जैसे महत्‍व के मामले में वह जल्‍दीबाजी से काम लेना पसंद न करते थे। इस भवन कि बुनियाद खूब मजबूत डालना चाहते थे जिस पर आलीशान महल बन […]

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Today, the birth anniversary of Rahul Sankrityayan is celebrated in Azamgarh.

आज़मगढ़ : राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की ली गई शपथ

राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर उनके जीवन से जुड़े स्कूलों निज़ामाबाद, रानी की सराय और पन्दहा में हुआ कार्यक्रम महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 132वीं जयंती के अवसर पर आज आज़मगढ़ नागरिक समाज की तरफ से राहुल सांकृत्यायन को जानें अभियान के तहत निबंध, चित्रकला और भाषण की गतिविधियों का कार्यक्रम बच्चों के बीच में हुआ। […]

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The 132nd birth anniversary of Rahul Sankrityayan.

आजमगढ़ : राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर कल होंगे विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम

राहुल सांकृत्यायन को जानें अभियान के तहत निबंध, चित्रकला और भाषण की गतिविधियां होंगी आयोजित महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 132वीं जयंती 9 अप्रैल के अवसर पर आज़मगढ़ नागरिक समाज की तरफ से राहुल सांकृत्यायन को जानें अभियान के तहत निबंध, चित्रकला और भाषण की गतिविधियों का कार्यक्रम स्कूली बच्चों के बीच किया जाएगा। इस अवसर […]

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कॉलेजऔर विश्वविद्यालयों की विद्रूपताओं का प्रतिबिंब है नाटक ‘कैंपस’

डॉ भगवत प्रसाद कैंपस नाटक की कथा शिक्षा के केंद्र में शिक्षा के साथ चल रही उन तमाम गतिविधियों को भी दर्शाती है जो पॉजिटिव और निगेटिव दोनों हैं । विश्वविद्यालय का कैंपस युवाओं के जीवन का वह पड़ाव होता है जहां से वह अपना भविष्य तय करता है । कोई अपने लिए रोजगार का […]

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