Trump's tariff war

विश्व टैरिफ युद्ध : क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं?

संजय पराते ट्रंप के सत्ता में आने के बाद विश्व टैरिफ युद्ध शुरू हो चुका है। इस टैरिफ युद्ध ने भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों को हिलाकर रख दिया है। खुद अमेरिका इससे अछूता नहीं है। मंदी और बेरोजगारी पसर रही है और ट्रंप की सनक के खिलाफ बड़े बड़े प्रदर्शन शुरू हो […]

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Vultures hovering over shared heritage.

साझा विरासत पर मंडराते गिद्ध और साजिश के पीछे की सियासत को समझने की जरूरत

जसविंदर सिंह जब एक ही तरह की घटना को बार-बार दोहराया जाए, हर बार घटना को एक ही तरीके से अंजाम दिया जाए, तो घटनाएं अचानक नहीं घटती ; उसके पीछे सोची समझी योजना होती है, साजिश होती है और इन साजिशों के पीछे एक सियासत होती है। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र आजकल इन्हीं साजिशों […]

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Differences between Jyotiraditya Scindia and Bharat Singh Kushwaha.

भाजपाई सांसद को भाजपा सांसद से ही खतरा!

संजय पराते आज बात मध्यप्रदेश पर, जहां एक गरीब भाजपाई सांसद को एक युवराज भाजपाई सांसद से ही खतरा है और उनकी यह शिकायत मीडिया में जोर-शोर से उछल रही है। पहले वाला सांसद ख़ांटी संघी है और दूसरा नवागत भाजपाई, लेकिन इसके पास अतीत के राजपाट का रौब है। बात संघ के मुख्यालय तक […]

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Murders of Journlist

हिंदुत्ववादी साम्प्रदायिकता और कारपोरेट के गठबंधन के मायने

बादल सरोज चर्चा में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा को निशाना बनाकर किये जा रहे हमले हैं। बिना नाम लिए बनाई गयी पैरोडी की महीने भर पहले दी गयी प्रस्तुति को लेकर शिवसेना के सैनिक होने का दावा करने वाले गुंडे उस हैबिटैट सेंटर में तोड़फोड़ मचा चुके हैं, जहां यह कार्यक्रम हुआ था। कुणाल को […]

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आसान नहीं है डगर तीसरे टर्म की

राजेंद्र शर्मा संभवत: इसी बीच हासिल हुई प्रभावी जीतों से बढ़े हुए आत्मविश्वास के चलते, संघ-भाजपा राज ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष में उसके पक्के एजेंडे को आगे बढ़ाने के जरिए अपनी वफादारी दिखाने के लिए, इस विधेयक को ठंडे बस्ते से बाहर निकाल लिया है। अब इस विधेयक को दोबारा लोकसभा में आगे बढ़ाए […]

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Muslim rulers and Indian films.

फिल्मों के बहाने समाज में नफरत के बीज बोने की साजिश

राम पुनियानी आज की सांप्रदायिक सोच राजाओं —हिंदू और मुस्लिम—को उनके धर्म के चश्मे से देखती है, न कि सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्षरत शासकों के रूप में। जैसे-जैसे राजनीति में इतिहास का उपयोग बढ़ रहा है, सांप्रदायिक घृणा भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। बीते कुछ वर्षों में इसके नए आयाम जुड़ […]

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An attempt to fragment the Ganga-Jamuni culture of Indian democracy.

आभासीय कुहासा और अयोध्या कैंट के बंदर

बादल सरोज अक्सर जो भान होता है, वह जरूरी नहीं कि असली प्रकाश या दीप्ति या उसका प्रत्यावर्तन हो। वह योजना के साथ बनाया, दिखाया, बताया ‘उजाला’ भी हो सकता है। इन दिनों खासकर संचार क्रांति के बाद से इस तरह के निर्मित, नियंत्रित, निराधार और पूरी तरह आभासीय अहसास – परसेप्सन – बनाने की […]

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सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष के अविचल योद्धा थे हरकिशन सिंह सुरजीत

आलेख : कुर्बान अली 23 मार्च 1931 को शहीद–ए–आजम भगत सिंह की शहादत ने देश के हजारों युवाओं को प्रभावित किया। उनमें से एक थे कॉमरेड हरकिशन सिंह सुरजीत, जो बाद में एक कट्टर राष्ट्रवादी, किसान नेता, कम्युनिस्ट नेता, सांसद और फिर किंगमेकर बने। 23 मार्च, 1916 को पंजाब के जालंधर जिले के बडाला गांव […]

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ईद मुबारक

सभी देश वासियों को ईद की मुबारकबाद। Kumar Vijayकुमार विजय  साँचिया के मुख्य संपादक हैं।  पिछले 23 साल से पत्रकारिता, सिनेमा एवं रंगमंच से सम्बद्ध रहे हैं। sanchiya.info

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