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Muslim rulers and Indian films.

फिल्मों के बहाने समाज में नफरत के बीज बोने की साजिश

राम पुनियानी आज की सांप्रदायिक सोच राजाओं —हिंदू और मुस्लिम—को उनके धर्म के चश्मे से देखती है, न कि सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्षरत शासकों के रूप में। जैसे-जैसे राजनीति में इतिहास का उपयोग बढ़ रहा है, सांप्रदायिक घृणा भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। बीते कुछ वर्षों में इसके नए आयाम जुड़ […]

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Shahnawaz Alam Secretary All India Congress Committee

मुख्यमंत्री के दबाव में अधिकारी चलाते हैं घरों पर बुल्डोज़र- शाहनवाज़ आलम

मौलिक अधिकारों के हनन के मामलों में हाईकोर्ट से न्याय न मिलना सुप्रीम कोर्ट के लिए चिंता का विषय होना चाहिए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रयागराज में क़ानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना घर गिराने के मामले में प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर पीड़ितों को दस-दस लाख रूपये […]

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An attempt to fragment the Ganga-Jamuni culture of Indian democracy.

आभासीय कुहासा और अयोध्या कैंट के बंदर

बादल सरोज अक्सर जो भान होता है, वह जरूरी नहीं कि असली प्रकाश या दीप्ति या उसका प्रत्यावर्तन हो। वह योजना के साथ बनाया, दिखाया, बताया ‘उजाला’ भी हो सकता है। इन दिनों खासकर संचार क्रांति के बाद से इस तरह के निर्मित, नियंत्रित, निराधार और पूरी तरह आभासीय अहसास – परसेप्सन – बनाने की […]

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सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष के अविचल योद्धा थे हरकिशन सिंह सुरजीत

आलेख : कुर्बान अली 23 मार्च 1931 को शहीद–ए–आजम भगत सिंह की शहादत ने देश के हजारों युवाओं को प्रभावित किया। उनमें से एक थे कॉमरेड हरकिशन सिंह सुरजीत, जो बाद में एक कट्टर राष्ट्रवादी, किसान नेता, कम्युनिस्ट नेता, सांसद और फिर किंगमेकर बने। 23 मार्च, 1916 को पंजाब के जालंधर जिले के बडाला गांव […]

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श्वेत जोकर का उदय

आलेख : शुभम शर्मा, अनुवादक : संजय पराते एक प्रसिद्ध तुर्की कहावत है, जो इस प्रकार है : जब कोई जोकर महल में प्रवेश करता है, तो वह राजा नहीं बन जाता, बल्कि महल एक सर्कस बन जाता है। अमेरिकी शाही महल के साथ भी यही हुआ है। श्वेत जोकर डोनाल्ड ट्रम्प एक प्रतिगामी, निर्दयी, […]

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Shahnawaz Alam Secretary All India Congress Committee

सुप्रीम कोर्ट का अपनी अवमानना पर चुप रहना आश्चर्यजनक – शाहनवाज़ आलम

साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 188 वीं कड़ी में बोले कांग्रेस नेता सुप्रीम कोर्ट द्वारा मकानों के ध्वस्तिकरण पर रोक के बावजूद भाजपा शासित राज्यों में प्रशासन अवैध तरीके से लोगों के घरों को तोड़ रहा है। आश्चर्य की बात है कि सुप्रीम कोर्ट अपनी ही अवमानना पर स्वतः संज्ञान नहीं ले रहा। जिसका सीधा […]

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crematorium

तुम मुझे इंडिया दो, मैं तुम्हे कब्र दूंगा

संजय पराते हमारे देश में दो दुनिया बसती है। एक का नाम इंडिया है और दूसरे का नाम भारत। इंडिया साधन संपन्न और चकाचक है। यह इंडिया पूरी दुनिया में इंडिया का प्रतिनिधित्व करता है। भारत दाने-दाने को मोहताज है, गंदगी-बदबू से भरा और फटेहाल है। जब भी विदेश से कोई नेता इंडिया आता है, […]

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जनसंख्या नियंत्रण के लिए राज्यों को दंडित किया जाना अनुचित- पिनरायी विजयन

अनुवाद एवं प्रस्तुति संजय पराते यहाँ उपस्थित विभिन्न राज्यों के माननीय मुख्यमंत्रीगण और अन्य प्रतिनिधिगण, आप सभी को मेरा सलाम। सबसे पहले, हम सभी की ओर से, मैं तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री श्री एम. के. स्टालिन का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने आज हम सभी को यहाँ एकत्रित किया है। लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का […]

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कॉलेजऔर विश्वविद्यालयों की विद्रूपताओं का प्रतिबिंब है नाटक ‘कैंपस’

डॉ भगवत प्रसाद कैंपस नाटक की कथा शिक्षा के केंद्र में शिक्षा के साथ चल रही उन तमाम गतिविधियों को भी दर्शाती है जो पॉजिटिव और निगेटिव दोनों हैं । विश्वविद्यालय का कैंपस युवाओं के जीवन का वह पड़ाव होता है जहां से वह अपना भविष्य तय करता है । कोई अपने लिए रोजगार का […]

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