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सामाजिक न्याय के शिल्पकार: बी. पी. मण्डल और भारत में सामाजिक बदलाव की क्रांति

राजेश कुमार यादव भारतीय लोकतंत्र की आत्मा केवल चुनावी प्रक्रिया में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समता के विचार में निहित है। इस विचार को भारतीय संविधान में तो स्थान मिला, लेकिन इसके धरातलीय कार्यान्वयन में जिन व्यक्तित्वों ने निर्णायक भूमिका निभाई, उनमें बिन्देश्वरी प्रसाद मण्डल (बी. पी. मण्डल) का नाम सर्वोपरि है। वे एक […]

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बाबा साहब, भारतीय संविधान और मौजूदा खतरे

बादल सरोज डॉ. अम्बेडकर संविधान निर्माता माने जाते हैं। निस्संदेह वे ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे और विराट बहुमत से चुने गए थे। संविधान में उनकी विजन – नजरिये – का महत्वपूर्ण योगदान है। किन्तु उन्हें यहीं तक सीमित रखना उनके वास्तविक रूप को छुपाने की साजिश का हिस्सा बनना होगा। गाँव-गाँव में डॉ. अम्बेडकर […]

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बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर: एक युगद्रष्टा समाज सुधारक

अनुरोज विजय भारत के इतिहास में अनेकों महापुरुष हुए हैं जिन्होंने समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। परंतु उन सबमें एक नाम ऐसा है जो न केवल सामाजिक क्रांति का प्रतीक है, बल्कि आधुनिक भारत के संवैधानिक ढांचे का शिल्पकार भी है — वह नाम है डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर। 14 अप्रैल […]

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बिन मर्यादा सब सून

राजेंद्र शर्मा के तीन व्यंग्य लीजिए, अब क्या लोकसभा के स्पीकर जी मर्यादा के पालन का उपदेश भी नहीं दे सकते? कुर्सी का नाम स्पीकर और जरा सा उपदेश देने पर इतनी बक-झक। और उपदेश भी कैसा? मर्यादा के पालन का उपदेश। बेचारे ओम बिड़ला जी ने विपक्ष के नेता को सदन में जरा मर्यादा […]

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Manish Kunjam

भाकपा विधायक मनीष कुंजाम के ठिकानों पर छापेमारी एक साजिश : अखिल भारतीय किसान सभा

मनीष कुंजाम पर छापेमारी की कड़ी निंदा की छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने, कहा : आदिवासी नेता को बदनाम करने और लोकतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने की साजिश रायपुर। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने सुकमा जिले में तेंदूपत्ता बोनस वितरण में हुए भ्रष्टाचार के मामले में आदिवासी नेता और पूर्व भाकपा विधायक के ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्लू के संयुक्त […]

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Rahul Sankrityayan, the truth seeker

धर्म मनुष्य की मानसिक दासता का समर्थक है : राहुल सांकृत्यायन

गणेश कछवाहा “हमें अपनी मानसिक दासता की बेड़ी की एक-एक कड़ी को बेदर्दी के साथ तोड़कर फेंकने के लिए तैयार रहना चाहिए। बाहरी क्रांति से कहीं ज़्यादा ज़रूरत मानसिक क्रांति की है। हमें आगे-पीछे, दाहिने-बाएं दोनों हाथों से नंगी तलवारें नचाते हुए अपनी सभी रूढ़ियों को काटकर आगे बढ़ना होगा।” … “रूढ़ियों को लोग इसलिए […]

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Hindutva communal mentality versus democratic and secular forces.

हिंदुत्ववादी सांप्रदायिक मानसिकता बनाम जनतांत्रिक तथा धर्मनिरपेक्ष ताकतें

राजेन्द्र शर्मा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम, देश की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी है। स्वाभाविक रूप से उसकी 24वीं राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह राष्ट्रीय कांग्रेस 2 से 6 अप्रैल तक, तमिलनाडु में मदुरै शहर में संपन्न हुई। कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कांग्रेस, पार्टी का सर्वोच्च निकाय […]

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Today, the birth anniversary of Rahul Sankrityayan is celebrated in Azamgarh.

आज़मगढ़ : राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की ली गई शपथ

राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर उनके जीवन से जुड़े स्कूलों निज़ामाबाद, रानी की सराय और पन्दहा में हुआ कार्यक्रम महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 132वीं जयंती के अवसर पर आज आज़मगढ़ नागरिक समाज की तरफ से राहुल सांकृत्यायन को जानें अभियान के तहत निबंध, चित्रकला और भाषण की गतिविधियों का कार्यक्रम बच्चों के बीच में हुआ। […]

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American tariffs and their impact on the world.

मेहनतकशों पर विश्वव्यापी हमला

प्रभात पटनायक, अनुवाद : राजेंद्र शर्मा परवर्ती पूंजीवाद (Late capitalism) के अंतर्गत मेहनतकश जनता पर ऐसा हमला हो रहा है, जो आरंभिक पूंजीवाद के हमले की याद दिलाता है और यह हमला विश्वव्यापी है, जो सिर्फ तीसरी दुनिया में ही नहीं हो रहा है, बल्कि विकसित पूंजीवादी देशों में भी हो रहा है। यह हमला […]

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