भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को तोड़ने का काम कर रही है

राज्य

प्रयागराज। नागरिक समाज तथा लोहिया विचार मंच ने आज 28 दिसंबर 2025 को रवि किरण जैन स्मृति व्याख्यान के अंतर्गत ‘आखिर हम क्या करें’ नामक विषय पर व्याख्यान हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर चर्चित पत्रकार अभय दुबे तथा अध्यक्षीय भाषण के तौर पर एक अन्य चर्चित पत्रकार आशुतोष ने अपनी बात रखी।कार्यक्रम की शुरुआत नागरिक समाज के वरिष्ठ साथी डॉ आशीष मित्तल ने स्वागत भाषण के अंतर्गत रवि किरण जैन को श्रद्धांजलि दी, तथा वर्तमान समय में देश में कॉर्पोरेट के माध्यम से चलाई जा रही फासीवादी नीति पर विस्तार से अपनी बात रखी।तत्पश्चात श्री अभय दुबे ने विस्तार से मुख्य वक्ता के तौर पर कहा कि भारत को इस स्थिति में पहुंचने के लिए बहुसंख्यकवाद जिम्मेदार है। एक विकृति यह है कि हिंदू बहुसंख्यकवाद वर्तमान समय में लोकतंत्र पर हावी हो चुका है और बेहद खतरनाक है । भाजपा पहले दिन से ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को तोड़ने का काम कर रही है। कॉर्पोरेट के साथ गठजोड़ करके भारतीय जनता पार्टी ने पूंजीपतियों के हित में लगातार काम किया है। एस आई आर (SIR) के नाम पर चुनाव को गलत तरीके से जीतने का काम लगातार किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की पूरी कोशिश अपने वोट प्रतिशत को 40% तक करने की है। अघोषित रूप से भारतीय लोकतंत्र पर कब्जा कर लिया गया है। इन सबके बावजूद आशा की किरण भी यह दिखती है कि बहुत प्रयास करने के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी 37 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ सकी है। मीडिया और न्यायपालिका में भी बहुसंख्यकवाद हावी हो चुका है।EVM ने मतदान की गोपनीयता का समाप्त कर दी। एसाईआर(SIR) के वक्त तक ये आंकलन उनके पास मौजूद रहा कि किस बूथ पर कितने वोट काट देंगे कि अपना काम बन जाए। ये क्षमता हासिल होना दिक्कत बात है।उन्होंने यह भी कहा निराश‌ ना हुआ जाए। निराशा के भी कर्तव्य होते हैं, जो कि लोहिया जी ने लिखा है।राजनीति और सामाजिक प्रक्रियाएं खुद इंवॉल्व होती हैं और नया वर्जन प्रस्तुत करती हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ चर्चित पत्रकार श्री आशुतोष जी ने कहा कि आज संसद और जनता को चुनने का अधिकार केवल एक शख्स के पास रह गया है। वंदे मातरम बोलने पर RSS का कोई भी आदमी जेल नहीं गया। उन्होंने कहा कि हमें सपने देखना नहीं छोड़ना है। हमको भगत सिंह अपने घर में भी चाहिए होंगे, न कि पड़ोसी के। विपक्ष को तय करना होगा की उसे देश बचाना है या सत्ता। आजादी की यादों को भी यह पूरी तरह समाप्त करना चाहते हैं। हमें लगातार सवाल उठाते रहने होंगे। इन्होंने पूरे तंत्र पर कब्जा कर लिया है निष्पक्षता इस समय असंभव हो गया है।उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इलाहाबाद मेरा शहर है और वह आज भी जिंदा है। इस कार्यक्रम का संचालन नागरिक समाज और अधिवक्ता मंच के साथी राजवेंद्र सिंह ने किया।इस कार्यक्रम के बाद इलाहाबाद के वरिष्ठ सामाजिक- राजनीतिक कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। सम्मान पाने वालों में कामरेड हरिश्चंद्र द्विवेदी, कामरेड नसीम अंसारी, कामरेड गायत्री गांगुली, कुमुदिनी पति तथा सर्वोदय के साथी राम धीरज भाई जी रहे।इस कार्यक्रम को डॉक्टर पद्मा सिंह ने संचालन किया।इस कार्यक्रम में विनय सिन्हा, नरेश सहगल, ऋशेश्वर उपाध्याय, सुभाष पांडे, अनुग्रह नारायण सिंह, नसीम अंसारी, गायत्री गांगुली, राम धीरज, सीमा आजाद, अमिता सीरिन, मनीष आजाद, के के राय, शाहिद सिद्दीकी, विवेक सत्यांशु, भीमलाल, सुशील मानव, सुनील मौर्य, कामरेड भानु, चंद्र प्रकाश सिंह, विनोद सैलानी, डा. कमल उसरी, महेंद्र सिंह, विश्वेष राजरत्नम, अंकित पाठक, गोविंद निषाद,असरार अहमद नियाजी, फरमान नकवी,चित्तजीत मित्रा, सुनीता शाह,राजेश सचान, विभूति विक्रम सिंह, विनोद विक्रम सिंह, शंकर लाल, विजय चितौरी,किरण जी,सुरेश निषाद,दिनेश यादव,पंकज पांडेय,चारु,कामरेड राधा,युवराज सिंह,चार्ली प्रकाश,शुभम,महाप्रसाद, अनिता गोपेश,रत्नेश यादव नंदकिशोर प्रजापति, प्रदीप रावत, प्रदीप ओबामा, अंजलि, प्रियांशु, जय, आकाश, प्रेमचंद, कामरेड रामजी राय,हिमांशु जी, जेपी श्रीवास्तव, सद्दाम अंसारी इरशादुल्लाह, अंकित तिवारी प्रभाकर तथा मनीष सिन्हा उपस्थित थे।धन्यवाद ज्ञापन लोहिया विचार मंच के संयोजक श्री विनय कुमार सिन्हा ने किया।

विज्ञापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *