मुसहर समुदाय के लोगों के साथ एसडीएम ने किया दुर्व्यवहार

राज्य

पिंडरा (वाराणसी)। नट समुदाय संघर्ष समिति के बैनर तले आज ग्राम गजेन्द्रा मुसहर एवं नट बस्ती, जगदीशपुर मुसहर बस्ती तथा ओरांव मुसहर बस्ती के 30 समुदायजनों ने तहसील पिंडरा, वाराणसी पहुँचकर उप-जिलाधिकारी (SDM) महोदया को घरौनी प्रमाण पत्र एवं भूमि आवंटन से संबंधित ज्ञापन सौंपा। समुदाय का आरोप है कि ज्ञापन सौंपते समय उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।

समुदाय के लोग कई दशकों से अपने स्थानों पर निवास कर रहे हैं, परंतु आज तक उन्हें घरौनी प्रमाण पत्र एवं भूमि आवंटन नहीं मिला है। इन दस्तावेजों के अभाव में वे आवास योजना, राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान योजना सहित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं।

समुदाय का आरोप है कि SDM महोदया ने कहा, “तुम लोगों को नया-नया शौक चढ़ा है, तुम लोगों को कुछ नहीं मिलेगा, तुम लोग झूठ बोलते हो। अभी प्रधान से पूछकर तुम लोगों को गाँव से ही निकलवा देंगे।”

ओरांव मुसहर बस्ती की महिला प्रतिनिधि रिंका देवी ने बताया कि जब महिलाएँ शांतिपूर्वक अपनी समस्याएँ रख रही थीं, तब SDM कार्यालय के कर्मचारियों ने ‘भागो-भागो’ कहकर उन्हें अपमानित किया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान समुदाय की निम्नलिखित महिलाएँ उपस्थित थीं: रिंका देवी, शकुंतला देवी, गंगाजली देवी, सोनी देवी, गुड्डी देवी, अनिता देवी, बबीता देवी, इंदु देवी, प्रभावती देवी, चिंता देवी और बेला देवी सहित कुल 30 समुदायजन (गजेन्द्रा बस्ती से 16, जगदीशपुर बस्ती से 8 और ओरांव बस्ती से 6 लोग)।

संयोजक प्रेम नट ने कहा, “हमारे संगठन के लोग हमेशा शांतिपूर्वक अपनी माँगों को रखते हैं, फिर भी उन्हें अपमानित किया जाता है। हम माँग करते हैं कि समुदाय के लोगों को धमकाया या मानसिक रूप से परेशान न किया जाए। सदियों से वंचित इस समुदाय की समस्याओं को गंभीरता से समझा जाए।”

समिति की माँगें

  1. SDM महोदया एवं संबंधित कर्मचारियों द्वारा अपने व्यवहार में सुधार और समुदाय के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाना
  2. समुदाय के सभी परिवारों को तत्काल घरौनी प्रमाण पत्र एवं भूमि आवंटन
  3. घटना की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई
  4. समुदाय को धमकी से सुरक्षा का आश्वासन
  5. वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का तत्काल लाभ

यदि सात दिनों में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो समिति जिलाधिकारी कार्यालय वाराणसी में व्यापक प्रदर्शन करेगी तथा राज्य अनुसूचित जाति आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराएगी।

प्रेस विज्ञप्ति

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