एक चुटकी सिन्दूर की कीमत तुम क्या जानो नरेन बाबू!!

बादल सरोज अंततः खुद उन्हीं ने इसका प्रमाण भी प्रस्तुत कर दिया है कि वे सचमुच में नॉन-बायोलॉजिकल हैं, अपौरुषेय हैं। सबसे पहली बार उन्होंने चौबीस के लोकसभा चुनाव के पहले चराचर मनुष्य जगत के समक्ष यह रहस्य उदघाटित किया था कि वे सामान्य प्राणियों की भांति जन्मे नहीं है, बल्कि स्वयं परमात्मा द्वारा भेजे गए हैं। एक […]

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Modi has no blood in his veins, but politics of vermilion flows

बिहार विधानसभा चुनाव बनाम मोदी की रगों में खून नहीं सिंदूर बह रहा है का मर्म

राजेंद्र शर्मा ऑपरेशन सिंदूर के बाद, राजस्थान में बीकानेर की अपनी सभा में प्रधानमंत्री मोदी, डॉयलागबाजी के अपने शीर्ष पर थे। यहां श्रोताओं की जोरदार तालियों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ इसी का बखान नहीं किया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सफलता तथा सटीकता के साथ, पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डों को तबाह […]

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Socialists' View of Israel

भारत के समाजवादियों ने कैसे इसराइल की मदद की! (भाग -2, अंतिम किश्त)

कुर्बान अली इस लेख के पहले भाग में मैंने अरब-इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर समाजवादी नेता राममनोहर मूर्ति का क्या दृष्टिकोण देखा था, यह प्रयास की बात थी। इस लेख में भारत के सोशलिस्टों की इजरायल के साथ दोस्ती और देशी-विदेशी मंचों पर उनके समर्थन का वोट डालने और उनके इजरायल के साथ हमजोली दास्तां की कोशिश […]

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समाजवादी हैं भारत में इसराइल के सबसे अच्छे मित्र और पैरोकार! (भाग -1)

क़ुरबान अली देश में आजकल कुछ ‘समाजवादी’ इसराइल-फ़िलिस्तीन-अरब संघर्ष को लेकर काफ़ी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं और इसराइल द्वारा किये जा रहे अरबों के नरसंहार की निंदा कर रहे हैं। साथ ही ये तथाकथित ‘सेक्युलर’ लोग यह तर्क भी दे रहे हैं कि “उनके नेता राममनोहर लोहिया ने 74 साल पहले जुलाई 1950 में […]

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Unity against terrorism and the hypocrisy of the BJP

आतंकवाद के खिलाफ एकता और भाजपा का पाखंड

राजेंद्र शर्मा विदेश सेवा के अधिकारियों के मुकाबले, इन सांसदों/ राजनीतिक नेताओं का वजन विदेशी मोर्चे पर भी इसीलिए अधिक माना जा रहा है कि वे अपनी राजनीतिक पार्टियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भारतीय जनता की राय का प्रतिनिधित्व करती हैं। लेेकिन, सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी की आंतरिक दिक्कतों का फायदा उठाने की कोशिश […]

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The cost of Operation Sindoor vs. Assembly elections

ऑपरेशन सिंदूर की क़ीमत बनाम विधानसभा चुनाव

राजेंद्र शर्मा ये विपक्ष वाले जब राष्ट्रभक्ति ही नहीं समझते हैं, तो ऑपरेशन सिंदूर की कीमत क्या जानेंगे? वर्ना ऑपरेशन सिंदूर में अपने अर्णव गोस्वामियों, गौरव सामंतों, नाविका कुमारों, अंजना ओम कश्यपों, अशोक श्रीवास्तवों आदि, आदि के वीरतापूर्ण कारनामों के गुण गा रहे होते या नहीं! पर खुद गुण गाना तो छोड़िए, बेचारे मंत्री अश्विनी […]

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Government's indifference towards the Muslim community

मुस्लिम सेना अधिकारी महज सफल प्रतीक, इससे मुस्लिम समुदाय के प्रति सरकार की बेरूखी नहीं धुल जाएगी

अपूर्वानंद जिस समय दिल्ली में भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफ़िया क़ुरैशी दुनिया को बतला रही थीं कि भारत ने पाकिस्तान को 22 अप्रैल का जवाब दे दिया है, उसी समय भारत के एक कोने उरी में रहनेवाली फ़ातिमा पूछ रही थी कि वह अपने 3 बच्चों को लेकर कहां जाए? सोफ़िया क़ुरैशी मात्र एक […]

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चौंकाने और  डराने वाला सप्ताह! : इधर सूरज पाले का शोर, उधर अंधेरा पसरता चहुं ओर!!

बादल सरोज मई का दूसरा सप्ताह देश और समूचे भारतीय प्रायद्वीप के लिए जैसा था, वैसा कभी नहीं रहा। तीन दिन चला भारत-पाकिस्तान युद्ध – या वह जो भी था — क्यों था, क्या था, कैसे शुरू हुआ, कब खत्म हुआ, किसने कितना पाया, कितना खोया और गंवाया, दोनों तरफ के मोर्चों पर क्या घटा, […]

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Modi government is putting the country at stake

सेना की सुरक्षा और देश को दांव पर लगा रही है मोदी सरकार : जसविंदर सिंह

भोपाल। केंद्र में बैठी मोदी सरकार आरएसएस के हिंदुत्व के एजेंडे को देश पर जिस तरह से थोप रही है, उससे सेना की सुरक्षा और देश की एकता और अखंडता दोनों को दांव पर लगा रही है। यह आरोप माकपा के मध्यप्रदेश राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने आज यहां आयोजित एक पत्रकार वार्ता में लगाए। […]

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caste census

जाति जनगणना की सुध : तमाशा, झांसा या पांसा

बादल सरोज अपने कुनबे के संगपरस्तों, पक्के भक्तों और पाले पोसे एंकर–एन्करानियों तक को चौंकाने, हैरत में डालने और मुंह छुपाने के लिए कोना तलाशने की गत में पहुंचाते हुए मोदी सरकार के मंत्रिमंडल की राजनीतिक मामलों की समिति (सीसीपीए) ने 30 अप्रैल को ऐलान कर दिया कि अगली जनगणना के साथ जाति आधारित जनगणना […]

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