सुधाकर चव्हाण को दिया गया 21वां कुमार गंधर्व राष्ट्रीय सम्मान

21वां कुमार गंधर्व राष्ट्रीय सम्मान समारोह शनिवार दिनांक 27 सितंबर 2025 को अटल स्मृति उद्यान हाल, बोरीवली पश्चिम, मुंबई में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। पूना के सुप्रसिद्ध गायक पंडित सुधाकर चव्हाण को इस वर्ष यह सम्मान दिया गया। इस अवसर पर पंडित सुधाकर चव्हाण, पंडित परमानंद यादव तथा श्रीमती तृप्ति राजपरिया, सुश्री असिथा […]

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बूढ़ी काकी : मुंशी प्रेमचंद

जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष न थी और न अपने कष्टों की ओर आकर्षित करने का, रोने के अतिरिक्त कोई दूसरा सहारा ही। समस्त इन्द्रियाँ, नेत्र, हाथ और पैर जवाब दे चुके थे। पृथ्वी पर पड़ी रहतीं और घर वाले कोई बात उनकी इच्छा के प्रतिकूल करते, भोजन का समय टल जाता या […]

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पूस की रात : मुंशी प्रेमचंद

हल्कू एक क्षण अनिश्चित दशा में खड़ा रहा। पूस सिर पर आ गया, कम्मल के बिना हार में रात को वह किसी तरह नहीं जा सकता। मगर सहना मानेगा नहीं, घुड़कियाँ जमावेगा, गालियाँ देगा। बला से जाड़ों में मरेंगे, बला तो सिर से टल जाएगी। यह सोचता हुआ वह अपना भारी-भरकम डील लिए हुए (जो […]

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आजमगढ़ की नहरों में छोड़ा जाय पानी : राजीव यादव

निजामाबाद क्षेत्र की नहरों के सवाल पर जिलाधिकारी आजमगढ़ से किसान नेता राजीव यादव ने की शिकायत निजामाबाद के पण्डिताइन की पुलिया से करियाबर की ओर जाने वाली नहर में पानी न छोड़ने के सवाल पर किसान नेता राजीव यादव ने जिलाधिकारी आजमगढ़ से शिकायत की। सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव ने कहा कि […]

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“गांधी का कोई विकल्प नहीं है, सबको उसी रास्ते पर आना होगा” — मनीषा बनर्जी

‘एक कदम गांधी के साथ’आंदोलन का छठवां दिन वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा ‘एक कदम गांधी पदयात्रा चौथे दिन दोपहर में भदोही पहुंची। यह जिला अमेरिका द्वारा ट्रंप प्रशासन के तहत लगाए गए टैरिफ से भारत में सबसे अधिक सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में उभरकर सामने आया है। भारत के प्रमुख हस्तनिर्मित कालीन निर्यात […]

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दो बैलों की कथा : मुंशी प्रेमचंद

झूरी काछी के दोनों बैलों के नाम थे हीरा और मोती। दोनों पछाईं जाति के थे—देखने में सुंदर, काम में चौकस, डील में ऊँचे। बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था। दोनों आमने-सामने या आस-पास बैठे हुए एक-दूसरे से मूक-भाषा में विचार-विनिमय किया करते थे। एक, दूसरे के मन की बात को […]

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अतिथि : रवीद्रनाथ टैगोर की कहानी

काँठलिया के जमींदार मतिलाल बाबू नौका से सपरिवार अपने घर जा रहे थे। रास्ते में दोपहर के समय नदी के किनारे की एक मंडी के पास नौका बाँधकर भोजन बनाने का आयोजन कर ही रहे थे कि इसी बीच एक ब्राह्मण-बालक ने आकर पूछा, ‘‘बाबू, तुम लोग कहाँ जा रहे हो?’’ सवाल करने वाले की […]

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सारनाथ में होगा बहुजन स्वराज पंचायत का आयोजन

विद्या आश्रम, सारनाथ में 7,8,9 अक्तूबर 2025 को बहुजन स्वराज पंचायत का आयोजन किया जाना है। इसका मकसद दुनिया भर में लोकविद्या-समाज के लोग यानि किसान, कारीगर, आदिवासी समाज, महिलाएं, लोककलाकार और छोटी दुकानदारी अथवा सेवाकार्य करने वाले लोगों में अपने हक के प्रति जागरूकता पैदा करना। कुछ दिन पहले ही विद्या आश्रम, सारनाथ में […]

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कीर्तिशेष डॉ. शिवशंकर सिंह यादव की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न

वाराणसी, 30 सितम्बर। राजकीय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य स्व. डॉ. शिवशंकर सिंह यादव की पुण्य स्मृति में मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन मित्र निवास, मारकण्डेय कुंज, प्रजापति कॉलोनी, नसीरपुर, सुसुवाही (बी.एच.यू.), वाराणसी में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिवारजन, परिचित, शिक्षाविद्, समाजसेवी तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत […]

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मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी – कफन

प्रेमचंद घीसू को उस वक़्त ठाकुर की बरात याद आई, जिसमें बीस साल पहले वह गया था। उस दावत में उसे जो तृप्ति मिली थी, वह उसके जीवन में एक याद रखने लायक़ बात थी, और आज भी उसकी याद ताज़ा थी, बोला—“वह भोज नहीं भूलता। तब से फिर उस तरह का खाना और भरपेट […]

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